राम और रावण एक ही सिक्के के दो पहलू हुआ करते है.
हर इन्सान में कुछ अंश राम के और कुछ अंश रावण के होते हैं.
परिस्थिति जब राम के अनुकूल होती है तब उसमें राम प्रकट होता है और परिस्थिति जब रावण के अनुकूल होती है तब उसमें रावण प्रकट होता है.
राम और रावण एक ही सिक्के के दो पहलू हुआ करते है.
हर इन्सान में कुछ अंश राम के और कुछ अंश रावण के होते हैं.
परिस्थिति जब राम के अनुकूल होती है तब उसमें राम प्रकट होता है और परिस्थिति जब रावण के अनुकूल होती है तब उसमें रावण प्रकट होता है.
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